कोरोना महामारी ने रेस्टोरेंट और खाने की दुनिया पर क्या-क्या असर डाला, जानें दुनिया के दो मशहूर शेफ के नजरिए से

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कोरोना महामारी ने हम सभी को कुछ न कुछ सिखाया। क्वारंटीन पीरियड ने हमें पहले से कहीं ज्यादा अपने दोस्तों और परिवारवालों के करीब ला दिया। वहीं, हम अपने लिए भी ज्यादा समय निकाल पाए। इस वक्त ने हर व्यक्ति, क्षेत्र, कल्चर, सोसायटी पर असर डाला। बात करें, खाने की दुनिया पर इसके असर की, तो कोरोना काल में कई लोगों ने अपने अंदर छुपे ‘शेफ’ को जगाकर नई-नई रेसिपीज ट्राई कीं। इसी तरह कोविड19 ने होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर भी असर डाला। आज हिन्दुस्तान लीडरशिप समिट 2020 के पांचवे दिन मशहूर शेफ गगन आनंद , मैसिमो बोटुरा ने  रितु डालमिया के साथ रेस्टोरेंट और फूड वर्ल्ड पर कोविड19 से पड़ने वाले असर और बदलाव पर दिलचस्प चर्चा की। 

मशहूर शेफ और होटल इंडस्ट्री की जानी-मानी हस्ती गगन आनंद के अनुसार कोरोना महामारी रेस्टोरेंट जगत के लिए एक वेकअप कॉल की तरह थी, जिसने ऐसा वक्त दिया जिसमें हम नई चीजों को तलाशकर इसमें क्रिएटिविटी कर सकें। गगन ने कहा कि टूरिज्म, फूड, ट्रैवल को नए तरीके से परिभाषित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, भारत में यह कहते हुए दुख होता है कि हम चाइनीज फूड को अधिक प्राथमिकता देते हैं। यह हमारे भोजन, संस्कृति को दोबारा खोजने की जरूरत है। टूरिज्म, फूड और ट्रैवल को फिर परिभाषित करने की जरूरत है। यह इंडस्ट्री में एक बड़ी चुनौती है। इसके अलावा उन्होंने कोविड19 के एक सकारात्मक पहलू पर बात करते हुए कहा कि लोगों ने इस वक्त में पुरानी चीजों की कीमत जानी और पुरानी रेसिपीज का महत्व भी पता चला। 

वहीं, शेफ और लेखक मैसिमो बोटुरा ने बताया कि कोरोना महामारी ने हमें न सिर्फ यह सिखाया कि जीवन सबसए बड़ी चीज है बल्कि इसने हमें फूड क्वारंटीन का एक नया मतलब बताया। यह वक्त था जब हर शेफ ने जाना कि रेस्टोरेंट का काम सिर्फ खाना सर्व करना नहीं है बल्कि क्रांति यानी बदलाव से भी है। इस वक्त की मांग है कि एक शेफ सिर्फ रेसिपीज को ही नहीं बल्कि कम्युनिटी, कल्चर को समझते हुए इस क्षेत्र में क्रिएटिविटी लाए। लोगों से जुड़ने पर शेफ न सिर्फ दुनिया के अलग-अलग कल्चर को समझ पाएंगे बल्कि इससे रेसिपीज, रेस्टोरेंट स्टाइल में भी बदलाव आएगा। एक शेफ के लिए कल्चर का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि सभी शेफ कल्चर का हिस्सा हैं। मैसिमो ने बताया, लॉकडाउन के दौरान उन्होंने अपने परिवार के साथ किचन क्वारंटाइन की शुरुआत की थी। साथ ही वह जरुरतमंद लोगों तक खाना पहुंचाने की मुहिम चला रहे हैं।  

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