जानें दांत में फोड़ा होने के लक्षण, ऐसे करवाएं उपचार और रखें ख्याल

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नई दिल्लीः दांत में निकला फोड़ा (Tooth Abscess) बहुत तकलीफदेह होता है. इससे आपकी सेहत बहुत खराब लगती है. दांतों में फोड़ा मुंह में संक्रमण होने से निकलता है, इससे दांत या मसूड़ों में पस हो जाता है. दांतों के अंत में निकले फोड़े को पेरियापिकल (Periapical) और मसूड़े के फोड़े को पेरियोडोंटल (Periodontal) कहते हैं. ज्यादा दिनों तक इसका इलाज नहीं करने पर फोड़े के आसपास की हड्डी और दांत खराब हो जाते हैं जो कि काफी कष्टदायी होता है. दंत फोड़ा चोट पहले किसी दांत संबंधी इलाज के कारण हो सकता है.

दांत में फोड़े के लक्षण
दांत में जब फोड़ा होता है, तो उसके शुरुआती लक्षण हमें दिखने लगते हैं. इसमें दांत और मसूड़ों का दर्द धीरे-धीरे जबड़ा, कान और गर्दन तक पहुंच जाता है. जिस दांत या मसूड़े में फोड़ा निकलता है, उसमें तेज दर्द होता है. अगर इसमें लापरवाही बरती गई तो दर्द जबड़ा, कान और गर्दन तक फैल जाता है.

दर्द इतना असहनीय होता है कि आपको दैनिक काम करने में भी परेशानी हो जाती है. जैसे खाना खाना, सोना. स्वास्थ्य में परेशानी का सामना करना पड़ता है. चेहरे पर सूजन आ जाती है. इससे गर्म या ठंडा खाने-पीने में परेशानी होती है. संक्रमण बढ़ने से पहले आपको डेंटिस्ट से संपर्क करना चाहिए.

डेंटिस्ट (Dentist) से करें संपर्क
दंत फोड़ा के लक्षण जैसे ही प्रतीत हों, आपको डेंटिस्ट से मिलना चाहिए. नहीं तो, स्थिति  डेंटिस्ट आपके दांत या मसूड़े का एक्स-रे करके पता कर लेंगे कि किस जगह पर फोड़ा निकला हुआ है, ताकि उसके संक्रमण को रोका जा सके.

उपचार का तरीका (Treatment method of Tooth Abscess)
लक्षण दिखते ही डेंटिस्ट को दिखाएं, उसी से पता चलेगा कि फोड़े और संक्रमण की स्थिति कैसी है और किस विधि से आपके दंत फोड़े को ठीक किया जाएगा. 
1. रूट कैनाल ट्रीटमेंट (Root canal treatment) से दांत (Tooth) या मसूड़े (Gums) के अंदर की खाली जगह को भर सकते हैं.
2. अगर खाली जगह नहीं भरी जा सकती है, डॉक्टर उस दांत या मसूड़े को निकालेगा.
3. इनिशिएशन और ड्रेनज (Initiation and drainage) विधि अपनाई जाती है. इससे मसूड़े में एक छोटा सा कट लगाते हैं और पस को बाहर निकालते हैं. लेकिन यह एक अस्थायी समाधान है.

दंत फोड़े से बचाव
दांतों के फोड़े से बचने के लिए इनको स्वस्थ रखना जरूरी है. फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट (Fluoride-rich toothpaste) से दिन में दो बार ब्रश करना चाहिए. खाना खाकर नमक के गुनगुने पानी से मुंह धोएं. ताकि खाने का कण आपके मुंह में न बचे. 3-4 महीने में टूथब्रश को बदलें. आप एंटीसेप्टिक या फ्लोरिनेटेड माउथवॉश भी ले सकते हैं.

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(नोट: कोई भी उपाय अपनाने से पहले डॉक्टर्स की सलाह जरूर लें)

 




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