2 मीटर दूर से भी फैलता है Corona, एयर ट्रांसमिशन को लेकर रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

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नई दिल्‍ली: एक चीनी बस में कोरोना वायरस के हवा में संचरण (Airborne Transmission) को लेकर की गई रिसर्च (Research) में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. इस रिचर्स में COVID-19 के ऐसे हवाई प्रसारण का पता चला है जिसमें बस में बैठा केवल एक व्‍यक्ति कोरोना संक्रमित था और वह बस में बैठे दो दर्जन से अधिक लोगों को संक्रमित करने में सक्षम था. यह रिसर्च मंगलवार को प्रकाशित हुई है. 

यह रिसर्च वायरस को लेकर नए सबूत पेश करती है, जिसके बारे में हर कुछ दिनों में नई जानकारी सामने आती है. 

2 मीटर के बाद भी ट्रांसमिशन में सक्षम 

शोध में पाया गया कि वह व्यक्ति उन लोगों को भी संक्रमित करने में सक्षम था जो उसके संपर्क की सीधी रेखा में भी नहीं थे.

महामारी (Pandemic) की शुरुआत में, स्वास्थ्य अधिकारियों को यह विश्वास नहीं था कि वायरस हवाई था, मतलब कि यह वायरस हवा के जरिए संक्रामक सूक्ष्म बूंदों को ट्रांसमीट कर सकता है. लेकिन जैसे-जैसे सबूत सामने आते रहे, वैज्ञानिकों को भी अपनी बात से हटना पड़ा. 

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अमेरिकी मेडिकल जर्नल JAMA इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार जनवरी में चीनी शहर Ningbo में एक बौद्ध समारोह में सम्मिलित होने बस में जा रहे यात्रियों को केवल 50 मिनट की यात्रा करनी थी और वे दो बसों में सवार थे. यह सार्वजनिक स्‍थानों पर मास्‍क अनिवार्य किए जाने से पहले की घटना है. 

एक रोगी ने फैलाया पूरी बस में कोरोना 
शोधकर्ताओं के अनुसार, COVID-19 संक्रमित एक रोगी ने बस में यह वायरस फैलाया. यह वह समय था, जब कोरोना वायरस अपने शुरुआती चरणों में था. फिर वह रोगी वुहान (Wuhan) के लोगों के संपर्क में आया, जहां वायरस ने पहली बार 2019 में अपना प्रकोप दिखाया था.

जब वैज्ञानिकों ने इस घटना के बारे में जांच की और बस में मौजूद हर व्यक्ति का पता लगाया तो चौंकाने वाली बात सामने आई. उन्होंने पाया कि बस में बैठे 68 में से 23 लोग वायरस से संक्रमित थे.

जाहिर है वायरस उन लोगों को प्रभावित करने में सक्षम था जो रोगी से 1-2 मीटर (3-6 फीट) से भी अधिक दूर थे. जबकि इसे वायरस के फैलने से  को रोकने के लिए अधिकतम पैरामीटर माना जाता है. यानि कि जो लोग बस में बिल्‍कुल आगे और पीछे बैठे थे वे भी इससे संक्रमित हो गए.

इसके अलावा जिस एक यात्री ने सभी में संक्रमण फैलाया, उसमें बस में बैठे रहने के दौरान वायरस के लक्षण भी दिखाई नहीं दे रहे थे.

हालांकि, यह संभव है कि एसी बस में मौजूद हवा  किया, जिसके कारण वायरस का इतना अधिक संचरण हुआ हो. 

 




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