Smoking हैबिट से हैं परेशान? सिगरेट छोड़ने का ये हो सकता है सबसे अच्‍छा तरीका

Spread the love

नई दिल्‍ली: स्‍मोकिंग छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, तो आपके लिए ये अच्‍छी खबर है. दरअसल, स्‍मोकिंग छोड़ने के विभिन्‍न तरीकों पर सर्वे किया गया है और उसमें इसे छोड़ने का सबसे अच्‍छा तरीका सामने आया है. बुधवार को एक साक्ष्य-आधारित समीक्षा से पता चला है कि वेपोराइजर (Vapes) स्‍मोकिंग छोड़ने वालों के लिए अधिक प्रभावी हैं. 

वेपोराइजर से मतलब ई-सिगरेट जैसे डिवाइस से है, जिसके जरिए निकोटीन (Nicotine) या गैर-निकोटीन पदार्थ को भाप के जरिए लिया जाता है, इसमें आम सिगरेट की तरह धुआं नहीं निकलता है लेकिन E-Cigarette का उपयोग करने वाले को धूम्रपान करने जैसा ही महसूस होता है.  

सर्वे में सिगरेट पीने की बजाय वेपिंग को सुरक्षित बताया है लेकिन इसके साथ यह भी कहा गया है कि इसके दीर्घकालिक प्रभावों का पता लगाने के लिए ज्‍यादा प्रमाणों की जरूरत है. 

यह भी पढ़ें: Corona से जुड़ी गलत जानकारियां फैलाने में सबसे आगे है Facebook, ये लोग भी शामिल

इसलिए है कारगर 
नीतियां बनाने में साइंटिफिक रिसर्च के जरिए मदद करने वाले सर्वे ऑर्गेनाइजेशन Cochrane द्वारा की गई समीक्षा में दुनिया भर के 50 अध्ययनों को ध्यान में रखा गया. इसमें पाया गया कि वेपिंग से धूम्रपान करने वालों की संख्या को कम करने में मदद मिली है. सभी जानते हैं कि धूम्रपान फेफड़ों के कैंसर, हृदय रोग समेत कई बीमारियों को दावत देता है, लिहाजा लोगों का स्‍मोकिंग छोड़ना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है. 

इस समीक्षा का नेतृत्‍व करने वालों में से एक जेमी हार्टमेन-बॉयस ने बताया, ‘अब सबूत सामने है कि निकोटीन के साथ इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का उपयोग करना निकोटीन वाली च्‍विंगम आदि के इस्‍तेमाल की बजाय बेहतर है. ई-सिगरेट से सफलतापूर्वक स्‍मोकिंग छोड़ने की संभावना ज्‍यादा है.’ 

स्‍मोकिंग छोड़ने के लिए निकोटीन चबाने की बजाय भाप के जरिए लेना इसीलिए ज्‍यादा प्रभावी है क्‍योंकि यह स्‍मोकिंग करने जैसा ही अनुभव देता है. 

उठ चुके हैं सवाल 
वेपिंग से फेंफड़ों को नुकसान पहुंचने के कारण पिछले साल अमेरिका में इसपर सवाल खड़े किए गए, जिसके बाद पूरे देश में इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया. हालांकि Cochrane ने दावा किया है कि उन्हें निकोटीन युक्त ई-सिगरेट से गंभीर नुकसान होने का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला है. फेंफड़ों को नुकसान विटामिन ई एसीटेट के कारण भी हो सकता है, जिसका उपयोग मारिजुआना वेप्स में किया जाता है. 




Source link

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *